वीडियो जानकारी:
शब्दयोग सत्संग, 19.12.18, अद्वैत बोधस्थल, ग्रेटर नॉएडा, भारत
प्रसंग:
~ होश में कैसे आएँ?
~ जीवन से बेहोशी को कैसे दूर करें?
~ संसार बेहोशी में क्यों जीता है?
~ होश में आना क्यों ज़रूरी है?
~ होश में आना तकलीफ़ क्यों देता है?
~ होश कठिन क्यों लगता ही?
~ होश का असली अर्थ क्या है?
~ बेहोशी को कैसे पकड़ें?
~ हम बार-बार बेहोशी में क्यों चले जाते हैं?
संगीत: मिलिंद दाते